सन् 2015 में स्थापित गंगाशील महाविद्यालय
फैजुल्लापुर, नवाबगंज, बरेली, फैजुल्लापुर, नवाबगंज, बरेली, महात्मा ज्योतिबा फूले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली (उ.प्र.) से सम्बद्ध एक नवीन महाविद्यालय है, जो अभी अपनी बाल्यावस्था में है। गंगाशील महाविद्यालय
फैजुल्लापुर, नवाबगंज, बरेली की स्थापना बरेली परिक्षेत्र के प्रसिद्ध, प्रतिष्ठित वरिष्ठ चिकित्सक, समाज सेवी एवं ‘गंगाशील अस्पताल एवं संस्थान समूह‘ के अध्यक्ष डॉ॰ एन॰ के॰ गुप्ता जी के कर कमलों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापरक आदर्श शिक्षा के प्रचार-प्रसार के महान उद्देश्य को लेकर की गयी। गंगाशील महाविद्यालय
फैजुल्लापुर, नवाबगंज, बरेली की भौगोलिक स्थिति, अत्यधिक चित्ताकर्षक और प्रत्येक दृष्टि से अनुकूल है। गंगाशील महाविद्यालय
फैजुल्लापुर, नवाबगंज, बरेली सैटेलाइट बस अड्डा बरेली से 25 किमी. दूर पीलीभीत मार्ग पर नवाबगंज तहसील से पाँच किलो मीटर पहले राष्ट्रीय राजमार्ग-74 के किनारे, नगर के कोलाहल से मुक्त शान्तिपूर्ण सुरम्य प्राकृतिक वातावरण के मध्य 15250 वर्ग मीटर के विस्तृत भू-भाग पर फैला हुआ है। आवागमन की दृष्टि से यह स्थिति अति सुविधाजनक है।
महाविद्यालय परिसर में व्याप्त प्राकृतिक सौन्दर्य देखते ही बनता है। नाना प्रकार के पेड़-पौधों और पुष्पों की सुवास से सुवासित महाविद्यालय परिसर आगन्तुकों को सहज ही आकर्षित करता है। महाविद्यालय के प्रांगण से प्रातः कालीन अरुणाई का दर्शन अद्भूत आन्नद की अनुभूति कराता है। महाविद्यालय द्वार के दोनों ओर निर्मित भित्तिचित्र पथिकों एवं आगन्तुकों को सहजभाव से आकर्षित करते हैं; तो विकसित उद्यान की मखमली घास अपनी गोद में विश्राम का निमंत्रण देती प्रतीत होती है। महाविद्यालय परिसर में प्रवेश करते ही वहाँ की प्रातःकालीन शुद्ध शीतल समीर एवं हरियाली मन में ऐसी उमंग और उल्लास भर देती है कि शरीर की स्फूर्ति एवं कार्यक्षमता में स्वतःदो गुना वृद्धि हो जाती है। महाविद्यालय का ऐसा हरीतिमायुक्त, फल-फूल से समृद्ध, स्वच्छ परिसर विद्यार्थियों एवं आचार्यों के अध्ययन-अध्यापन हेतु अनुकूल एवं सुरम्य वातावरण का निर्माण करता है। महाविद्यालय के ऐसे आकर्षक, सुरम्य-अनुकूल प्राकृतिक एवं शैक्षिक वातावरण को देखकर प्रतीत होता है कि गंगाशील महाविद्यालय
फैजुल्लापुर, नवाबगंज, बरेली नालन्दा एवं तक्षशिला की गौरवमयी परम्परा को पुनर्जीवित करने के पावन प्रयास में सतत् प्रयत्नशील है।
संस्थान का कुशल प्रबन्धन संस्थान को सफलता के उच्चतम सोपान तक ले जा सकता है। गंगाशील महाविद्यालय
फैजुल्लापुर, नवाबगंज, बरेली का प्रबन्धन ऐसे दृढ़ आस्थावान, समर्पित, प्रशासकीय क्षमताओं से भरपूर और अनुभवी हाथों में है, जिन्हें शिक्षा के प्रचार-प्रसार, अध्ययन-अध्यापन, अनुसंधान और प्रशासन के क्षेत्र में अनेक प्रतिमान स्थापित करने के लिए शिक्षा जगत में अति आदर और सम्मान के साथ स्थान दिया जाता है। महाविद्यालय प्रबन्धन की इस शीर्ष श्रृंखला में उच्च शिक्षा के प्रतिष्ठित संस्थान साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय, बरेली की पूर्व प्राचार्या डॉ॰ शशिबाला राठी जी गंगाशील महाविद्यालय
फैजुल्लापुर, नवाबगंज, बरेली के प्रबन्ध निदेशिका के पद को सुशोभित कर रही हैं, जिन्होंने चित्रकला विषय के अध्ययन-अध्यापन एवं अनुसंधान के क्षेत्र में प्रतिमान स्थापित किये तथा अपनी प्रशासनिक क्षमताओं से साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय को भव्यता और नयी ऊँचाईयाँ प्रदान कीं। इसी श्रृंखला की अगली मजबूत कड़ी के रूप में महाविद्यालय के महानिदेशक के पद को स्व॰ डॉ॰ एन॰एल॰ शर्मा जी ने वर्ष 2018 से 2024 तक सुशोभित किया है जो बरेली मण्डल के सबसे प्राचीन, प्रतिष्ठित एवं विशाल उच्च शिक्षण संस्थान बरेली कॉलेज, बरेली में प्राचार्य एवं वाणिज्य संकाय के अधिष्ठाता के रूप में अपनी महनीय सेवाएँ प्रदान कर चुके हैं। डॉ॰ एन॰एल॰ शर्मा वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रबन्धन के क्षेत्र में एक ऐसा प्रामाणिक हस्ताक्षर हैं, जिनकी कई पुस्तकें स्नातक-परास्नातक स्तर पर अध्ययन-अध्यापन हेतु विभिन्न विश्वविद्यालयों में सन्दर्भ-ग्रन्थ के रूप में स्वीकृत हैं। इसी श्रृंखला की एक और मजबूत कड़ी डॉ॰ दुरेश चन्द निदेशक पद से महाविद्यालय को कुशल नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं। वनस्पति शास्त्र के क्षेत्र में उच्च अकादमिक उपलब्धियों से सम्पन्न डॉ॰ दुरेश चन्द जी अपने विद्यार्थियों के मध्य एक कुशल, सफल एवं सहृदय अध्यापक के रूप में पहचान रखते हैं। कुशलतापूर्ण अध्यापन के साथ ही वे उ.प्र. के कई राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्य जैसे गरिमापूर्ण उच्च पद पर अपनी महनीय सेवाएँ प्रदान कर चुके हैं। डॉ॰ सीमा चतुर्वेदी महाविद्यालय के प्राचार्य पद को सुशोभित कर रही हैं। कुशल प्रशासन होने के साथ आप समाजशास्त्र की विषय विशेषज्ञ भी हैं। महाविद्यालय आपको पाकर धन्य और प्रफुल्लित है। ऐसे अनुभवी शिक्षाविद् महानुभावों के हाथों से संचालित यह महाविद्यालय गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए कृत संकल्पित है और निश्चित ही निकट भविष्य में गंगाशील महाविद्यालय
फैजुल्लापुर, नवाबगंज, बरेली शिक्षा जगत का एक सुपरिचित, प्रतिष्ठित और ऊँचा नाम होगा।
वर्तमान में अधिकतर स्ववित्तपोषित शिक्षण संस्थान दिग्भ्रमित होकर नकारात्मक दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं, जो स्वयं पथभ्रष्ट होकर देश की संभावनाशील प्रतिभावान पीढ़ी को भी पथभ्रष्ट ही नहीं पंगु (विकलांग) भी बना रहे हैं और चिन्ता का विषय यह है कि ये कदम बहुत तेजी से बढ़ते चले जा रहे हैं। नकारात्मक दिशा में बड़े ये कदम भारतीय संस्कृति और स्वस्थ परम्पराओं के लिए अत्यन्त घातक सिद्ध हो रहे हैं। ऐसे नकारात्मक शैक्षिक वातावरण में शिक्षा क्रय-विक्रय की वस्तु भर बनकर रह गयी है और ज्ञानार्जन की पवित्र लालसा, गुरु-शिष्य के सम्बन्धों की आदर्श परम्परा दिन-प्रतिदिन दम तोड़ती दृष्टिगोचर हो रही है। ऐसे समय में अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देते हुए गंगाशील महाविद्यालय
फैजुल्लापुर, नवाबगंज, बरेली नितान्त समाजसेवा, गुणवत्तापरक शिक्षा के प्रचार-प्रसार, शिक्षा जगत में नये मानक स्थापित करने और मानवता का अभिनन्दन करने के महान उद्देश्य के साथ स्थापित हुआ है।
महाविद्यालय प्रबन्धन ज्ञान की महिमा से भलीभाँति परिचित हैं। ऋग्वेद की ऋचा ‘आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः‘ अर्थात् हमारे लिए सब ओर से कल्याणकारी विचार आएँ (स्मज दवइसम जीवनहीजे बवउम जव ने तिवउ मअमतल ेपकम) में महाविद्यालय प्रबन्धन की परम आस्था है क्योंकि विश्वकल्याण की कामना ज्ञान की ज्योति के प्रसार से ही सम्भव है। वस्तुतः ज्ञान की ज्योति तिमिरनाशक है और तिमिर विनाश के साथ ही कल्याणपथ प्रशस्त होता है। इसीलिए महाविद्यालय में समय-समय पर अपने-अपने क्षेत्र के अधिकारी विद्वानों का आगमन होता रहता है और महाभारत में महर्षि व्यास द्वारा कथित ‘महाजनो येन गतः स पन्थाः‘ जीवन सूत्र भी सिद्ध होता रहता है। महाविद्यालय प्रबन्धन ज्ञान की पवित्र ज्योति और उसके प्रसारक-रक्षक गुरुजनों के प्रति परम आस्थावान है, जिसका अनुमान महाविद्यालय के ध्येय वाक्य (लोगो) ‘उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत‘ अर्थात् उठो, जागो और वरिष्ठजनों (श्रेष्ठ) से ज्ञान प्राप्त करो, से सहज ही लगाया जा सकता है। गंगाशील महाविद्यालय
फैजुल्लापुर, नवाबगंज, बरेली अपने छात्र/छात्राओं को वरिष्ठ जनों से ज्ञान प्राप्त करने का स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण प्रदान करने के लिए अपने स्थापना दिवस से ही दृढ़ संकल्पित है।