प्रिय विद्यार्थियों,
उच्चतर माध्यमिक शिक्षा को सफलता पूर्वक प्राप्त कर उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ। आपको मनोवांछित समस्त अभिलाषाएँ पूर्ण हों।
“सा विद्या या विमुक्तये” अर्थात् विद्या वह है, जो मुक्ति प्रदान करे। किन्तु केवल पढ़ायी होने में ही सार्थकता नहीं, अपितु वास्तविक सार्थकता तो मुक्ति में है, बल्कि संसार में रहते हुए अज्ञान, रोग, शोक, ईर्ष्या, लोभ, छल, कपट, हिंसा, घृणा, परनिर्भरता, निराशा इत्यादि समस्त दोषों से मुक्ति हमें शिक्षा ही दिला सकती है। इसलिए शिक्षा ग्रहण करने के लिए उत्तम शिक्षालय का चुनाव अत्यावश्यक है। गंगाशील महाविद्यालय अपने विद्यार्थियों से बुराई दूर कर उनमें अच्छाइयाँ लाने के पवित्र उद्देश्य के साथ ही स्थापित हुआ है। अतः महाविद्यालय परिवार की हार्दिक अभिलाषा है कि उसके विद्यार्थी जीवन के विविध क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करें और परिवार, समाज, क्षेत्र और देश का गौरव बढ़ाएँ।
21वीं सदी में आज विश्व पटल पर बड़े-बड़े परिवर्तन देखे जा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े परिवर्तन हैं। इनको नहीं किया जा सकता और भविष्य में भी शिक्षण संस्थान ही आगामी पीढ़ी की अपेक्षित परिवर्तनों को आत्मसात करते विद्यार्थियों को मौलिक एवं अनुसंधानपरक ज्ञान प्रदान करेंगे।
गंगाशील महाविद्यालय नई शिक्षा नीति 2020 के अन्तर्गत उच्च शिक्षा में नवीन परिवर्तनों को संगम में लेते हुए अपने को तैयार कर रहा है, तथा ई-व्याख्यान, वर्चुअल क्लास रूम, ई-पाठशाला, ई-सम्प्रेषण चर्चा आदि नवीन तकनीकों का सहारा लेते हुए विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जायेगी।
नवीन शिक्षण सत्र में हम लगातार छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हैं और अभिभावकों को आश्वस्त करते हैं कि अपने पुत्र-पुत्रियों को अभी उत्तम उच्च शिक्षा के लिए उनके द्वारा गंगाशील महाविद्यालय को चुना गया प्रयास के माध्यम के लिए श्रेष्ठ निर्णय है क्योंकि महाविद्यालय योग्य एवं समर्पित शिक्षाविदों के माध्यम से अपने योग्य एवं विश्वस्त अनुशासित शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व का विकास कर उन्हें राष्ट्र का सफल एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए संकल्पवान है।
मैं महाविद्यालय में प्रवेश की अभिलाषा से पधारे समस्त विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।
शुभेच्छु
डॉ. दुर्गेश चन्द्र
निदेशक